All posts filed under: उत्तरकाशी

कैमरे वाला बैग जब छूटा रेस्त्रां में

निकलने की तैयारी खाना पीना करने के बाद निकलने की बारी है। उत्तरकाशी ज्यादा दूर भी नहीं है और साधन भी बहुत से मिल जाते हैं इसलिए भी इत्मीनान से सारे काम कर रहा हूँ। खाने में वैसे तो एक ही पराठा ऑर्डर किया था। मगर पराठा इतना लज़ीज़ था एक और चट कर गया। और भूख भी जोरों पर थी। अब लग रहा है पेट में कुछ गया है। बाज़ार खूब जमी है गंगोत्री में जिसकी धूम है। खरीदने वाले खरीद भी रहे हैं। पर मुझे ऐसा लगता है ये आपके ही शहर से लाया हुआ समान आपको दुगने दाम में बेंचते हैं। भीड़ भाड़ वाले इस इलाके में इस कदर भी भीड़ नहीं है। मगर पूरे गंगोत्री का आकर्षण का केंद्र है गंगा मैया का वेग। जिसे कोई एक बार निहारे तो नज़रे ही ना हटा सके। एक दुकान से निरंतर भजन की गूंज सुनाई दे रही है। जो कि मंत्रमुग्ध कर रहा है। चलते फिरते टैक्सी स्टैंड आ पहुंचा। बस की समय सारिणी पता कि तो मालूम पड़ा दो बजे तक बस …