भारत का आखिरी गांव माना
उत्तराखंड | भारत दर्शन | माना

भारत का आखिरी गांव माना

अब माना जायेंगे अब जब बद्री विशाल के दर्शन हो चुके हैं तो थोड़ी पेट पूजा हो जाए। इसी बात का ध्यान रखते हुए सबसे पहले तो बढ़ चला जहां चप्पल उठाने। उसके बाद ही पुल पार करके होटल की ओर प्रस्थान। चप्पल वाली जगह मंदिर के कपाट से थोड़ी दूरी पर है। दर्शन के…

चार धाम में से एक बद्रीनाथ
बद्रीनाथ | उत्तराखंड | चारधाम | चारधाम यात्रा | धार्मिक स्थल | भारत दर्शन

चार धाम में से एक बद्रीनाथ

मंदिर जाने की तैयारी कल दिनभर की थकान रातभर इस होटल में सो कर गुजारी। हंसमुख और गजेन्द्र भाई का साथ है इसलिए होटल ले लिया। ना होता तो शायद किसी आश्रम में ठहरता। ऐसे धामों में आश्रम में रुकने का मज़ा ही अलग होता है। ये ज्ञात है कि मंदिर में जितनी जल्दी पहुंच…

केदारनाथ से बद्रीनाथ तक का सफर
उत्तराखंड | बद्रीनाथ | भारत दर्शन | सफ़र

केदारनाथ से बद्रीनाथ तक का सफर

भागदौड़ कल दिनभर की माथापच्ची के बाद भी कुछ खास हांथ नहीं लगा। बस लगा है तो एक चल चित्रण। जिसको देख ये सांत्वना मिल रही है की जूते कैसे चोरी हुए थे। बद्रीनाथ जाने के लिए बस की टिकट के लिए काफी मारामारी रही। जिसके चलते साथी घुमक्कड़ को काफी भाग दौड़ करनी पड़ी।…

गुत्थी सुलझाने के प्रयास में सोनप्रयाग में बिता दिन
भारत दर्शन | उत्तराखंड | सोनप्रयाग

गुत्थी सुलझाने के प्रयास में सोनप्रयाग में बिता दिन

संभावनाओं से भरी सुबह बदहवास हालत में जैसे तैसे कल रात को केदारनाथ से उतर कर गिरते पड़ते सोनप्रयाग पहुंचा था। देर रात होने के कारण खाना खाने की इच्छा भी नही हुई। होती भी कैसे दो दिन हुए बीत गए थे सोए हुए। आंखों में सिर्फ नींद भरी हुई थी। उत्तरकाशी से सोनप्रयाग आने…

केदारनाथ में चुकानी पड़ती है कीमत
केदारनाथ | उत्तराखंड | ट्रैकिंग और हाईकिंग | भारत दर्शन

केदारनाथ में चुकानी पड़ती है कीमत

साधना रात के बारह बज रहे हैं। घूम फिर के आया अब सोच रहा हूँ जैसा पंडित जी ने सुझाया वैसा ही के लिया जाए। दर्शन तो संभव नहीं। जूते उतार कर आ गया कपाट के सामने अध्यात्म करने। यहाँ एक माता जी पहले से ही अपने बीमार बेटे को लिए बैठी हैं। जो मंदिर…

कैलाश के सबसे निकट केदारनाथ
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कैलाश के सबसे निकट केदारनाथ

खुसुर फुसुर मेरे तंबू के पास कुछ सुगबुगाहट हो रही है। कोई तो आदमी खड़ा हो कर तंबू के बारे में बात किए जा रहा है। इन्हीं जनाब की आवाज़ सुन कर मेरी निद्रा भंग हुई। साथ ही आसपास में कुछ और लड़कों की भी आवाज़ आ रही है। ये कहाँ से आ रही है…

सफर के दौरान लौटाया खोया मोबाइल
भारत दर्शन | उत्तराखंड | सफ़र | सोनप्रयाग

सफर के दौरान लौटाया खोया मोबाइल

ब्रम्हमूर्त की बस अलार्म बजा तो देखा चार बज रहे हैं। सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जो रात में सोने से पहले चार्जिंग पर लगाए थे वो अब फुल चार्ज हो गए हैं। लंबे सफर में उपकरण चार्ज रहने बहुत जरूरी हैं अन्यथा बहुत तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पांच बजे की बस…

कैमरे वाला बैग जब छूटा रेस्त्रां में
भारत दर्शन | उत्तरकाशी | उत्तराखंड | सफ़र

कैमरे वाला बैग जब छूटा रेस्त्रां में

निकलने की तैयारी खाना पीना करने के बाद निकलने की बारी है। उत्तरकाशी ज्यादा दूर भी नहीं है और साधन भी बहुत से मिल जाते हैं इसलिए भी इत्मीनान से सारे काम कर रहा हूँ। खाने में वैसे तो एक ही पराठा ऑर्डर किया था। मगर पराठा इतना लज़ीज़ था एक और चट कर गया।…

गंगोत्री धाम में माँ गंगा के दर्शन
गंगोत्री | उत्तराखंड | चारधाम यात्रा | धार्मिक स्थल | भारत दर्शन

गंगोत्री धाम में माँ गंगा के दर्शन

कल रात की मशक्कत का फल कल रात ग्लास हाउस में सोने की अनुमति तो मिल गई थी। पर समस्या आ रही थी कि इन दो बड़े बड़े बैग का क्या किया जाए। और मोबाइल और जूते कहाँ रखे जाएं। ऐसे में यही तरकीब सूझी की जूते और मोबाइल को स्लीपिंग बैग में डाल कर…

गंगोत्री में शीश घर में गुज़ारी रात
गंगोत्री | उत्तराखंड | भारत दर्शन | सफ़र

गंगोत्री में शीश घर में गुज़ारी रात

बस पकड़ने की फ़िक्र सुबह के चार बजे का अलार्म बजा और तड़के ही नींद खुल गई। रात में हुए वाक्ए के बाद अब लग रहा है जितनी जल्दी हो सके भागो यहाँ से। पता नहीं लवली भाई के मुख से सुने किस्से के बाद कैसे नींद आ गई। पर आधी रात में ऐसा किसी…