लीला जगन्नाथ पुरी मंदिर की
उड़ीसा | चारधाम | धार्मिक स्थल | पुरी | भारत दर्शन

लीला जगन्नाथ पुरी मंदिर की

कोणार्क से जगन्नाथ पुरी कोणार्क पुरी से मात्र 36 किमी दूरी पर है जगन्नाथ मंदिर। यात्रा समुद्र के किनारे से शुरू हुई। कोणार्क के तट पर कुछ पल बिता कर चल पड़ा। गाड़ी चालू कर निकल पड़ा। सड़क समुद्र के समांतर है। अब समुद्र से क्या प्रतियोगिता करना। एक झटके में सारा नशा उतार सकती…

रहस्यों से भरा कोणार्क सूर्य मंदिर
उड़ीसा | कोणार्क | भारत दर्शन

रहस्यों से भरा कोणार्क सूर्य मंदिर

नाटक करता है प्रीतेश के सुझाव के मुताबिक मुझे कोणार्क सूर्य मंदिर के लिए भोर में ही प्रस्थान करना सर्वोच्चतम है। लेकिन, किन्तु, परन्तु ऐसा ना हो सका। पिछली रात कटक भ्रमण और मौज मस्ती में निकल गई। भुभनेश्चर वापसी के उपरान्त सोते सोते रात्रि के तीन बज गए। मैं, साथी घुमक्कड़, प्रीतेश और प्रीतेश…

गुमनामी के अँधेरे में बाराबाती किला
उड़ीसा | कटक | भारत दर्शन

गुमनामी के अँधेरे में बाराबाती किला

भुवनेश्वर से कटक रवाना पर्याप्त समय देने के बाद, तेज धूप में दो बजे तक कटक के लिए उदयनगिरी और खंडनागिरी गुफाओं से निकल गया। गाड़ी निकलते समय कुछ गंभीर माहौल था। जिसके चलते दो गुटों में कुछ कहा सुनी हो है। जाने क्यों गाड़ी खड़ी करने की ना तो पर्ची कटी। ना कोई सुध…

अजंता एलोरा से भी पुरानी उदयगिरी खंडागिरी गुफाएं
उड़ीसा | भारत दर्शन | भुवनेश्वर

अजंता एलोरा से भी पुरानी उदयगिरी खंडागिरी गुफाएं

धीरज की परीक्षा आंख खुलने पर यही ध्यान आ रहा है की आज आश्रम से निकल कर यात्रा समुदाय से जुड़े एक जने के यहाँ जाना है। ये यात्रा समुदाय के मित्र भी सीधे तौर पर नहीं मिले। एक दूसरे सज्जन ने इनसे बात करके मुलाकात करने को कहा है। अच्छी बात ये है की…

बारहों ज्योतिर्लिंग का राजा लिंगराज
उड़ीसा | भारत दर्शन | भुवनेश्वर

बारहों ज्योतिर्लिंग का राजा लिंगराज

कलकत्ता में भागदौड़ कल रात ग्यारह बजे की ट्रेन पकड़ कर कासीमबाजार से सुबह सियालदाह आ पहुंचा। सियालदाह पहुंचने या भुभनेश्वर पहुंचने की चुनौती नहीं है। अब जो असल चुनौती है वो है सियालदाह से हावड़ा जाने की। फिर हावड़ा से भुभनेश्वर जाने वाली ट्रेन को पकड़ने की। भुभनेश्वर पहुंचने के लिए कोलकाता आना ही…