हज़ार स्तम्भ मंदिर और वारंगल किला
आंध्रप्रदेश & तेलंगाना | भारत दर्शन | वारंगल

हज़ार स्तम्भ मंदिर और वारंगल किला

भेदभाव थकान और रात भर चली आंख मिचोली में नींद पूरी न हो सकी।  सरकारी काम वाली बाई के जगाने पर नींद टूटी। घड़ी में सुबह के छह बज रहे हैं। एहसाह हुआ पर्यटन के लिए निकलना भी है। फर्श पर से अपनी अंग्रेजी चटाई एयर स्लीपिंग बैग उठाकर बेंच पर रख दी। रात भर…

अमरावती की उंडावली गुफाएं
अमरावती | आंध्रप्रदेश & तेलंगाना | भारत दर्शन

अमरावती की उंडावली गुफाएं

घर से निकलते ही रात की मौज मस्ती कारण ना बन सकी देर से उठने की। सुबह जल्दी उठ गया। अमरावती में उंडावली गुफाएं बहुत प्रसिद्ध हैं। जहाँ मैं जाना चाहूँगा। शहर का विभाजन कृष्णा नदी के ऊपर आधारित है। नदी के पूर्वी उत्तर भाग विजयवाड़ा कहलाता है। दक्षिण भाग अमरावती। विपुल मुझसे पहले ही…

आंध्र की नई राजधानी विजयवाड़ा
आंध्रप्रदेश & तेलंगाना | भारत दर्शन | विजयवाड़ा

आंध्र की नई राजधानी विजयवाड़ा

इंतज़ार और सही  विशाखापट्टनम से निकलने का वक़्त आ चुका है। रात्रि यही सोच कर सोया था की सुबह जल्दी उठ कर सात बजे से पहले प्रवीण जी से मुलाकात हो जाएगी। नींद में ही जीने के दरवाजे की खटकने को आवाज से समझ गया की किसी ने रात को लगाई हुई कुण्डी खोल दी…

विशाखापट्टनम में झलक भारतीय नौसेना की शक्ति की
आंध्रप्रदेश & तेलंगाना | भारत दर्शन | विशाखापट्टनम

विशाखापट्टनम में झलक भारतीय नौसेना की शक्ति की

समय का सदुपयोग अनुराग जी ने मुझे जगाने का बीड़ा उठाया। घड़ी में समय देखा तो सुबह के आठ बज रहे हैं। कल वादे के मुताबिक अनुराग जी नौसेना कैंप ले जाने के लिए कल ही दो पास निकलवा लिए थे। आज की योजना बताते हुए अनुराग ने बताया की हम इक्कठे बारह बजे तक…

पहाड़ियों को गले लगाती लहरों की भूमि विशाखापत्तनम
आंध्रप्रदेश & तेलंगाना | भारत दर्शन | विशाखापट्टनम

पहाड़ियों को गले लगाती लहरों की भूमि विशाखापत्तनम

आनंदा  हाइट्स हर्षा पेशे एक मैकेनिकल इंजीनियर है। जानी मानी कंपनी में कार्यरत हैं। एक एक कर उनके सभी मित्र कार्यालय के लिए निकल रहे हैं। टू बीएचके फ्लैट में रह रहे हर्षा के साथ उनके तीन मित्र और हैं जो यहाँ निवास करते हैं। रात्रि में दो अलग अलग कमरों में मैं और साथी…

सफर सुरम्य समुद्र तटों वाले विशाखापत्तनम में
छत्तीसगढ़ | जगदलपुर | भारत दर्शन

सफर सुरम्य समुद्र तटों वाले विशाखापत्तनम में

सुस्त चालक गाड़ी चली तो सही लेकिन बैलगाड़ी की रफ्तार से! ड्राइवर साहब इतनी धीमी रफ्तार से गाड़ी चला रहे हैं कि मुझे उन्हें कदम कदम पर टोकना पड़ रहा है। कई कई जगह वाहन रोक कर वो खुद चल कर सवारी पकड़ पकड़ कर बैठा रहे हैं। मुझे दुकानदार ने सचेत कर दिया था…

भारत का सबसे चौंडा जलप्रपात(वाटरफॉल)
छत्तीसगढ़ | बस्तर | भारत दर्शन

भारत का सबसे चौंडा जलप्रपात(वाटरफॉल)

जिला जगदलपुर जगदलपुर से बस्तर 45 किलोमीटर की दूरी पर है जहाँ से यह अनोखा जलप्रपात देखने को मिलेगा। खाना पीना करने के बाद स्टेशन से बाहर निकला। यहाँ मुहाने पर ही टेंपो खड़ा है। जनाब का कहना है की ये मुझे वहाँ तक छोड़ देंगे जहाँ से बस्तर के लिए बस या जीप की…

सफर नक्सली प्रभावित क्षेत्र में
छत्तीसगढ़ | जगदलपुर | भारत दर्शन

सफर नक्सली प्रभावित क्षेत्र में

कल की खबर दुपहिया वाहन होने के कारण पुरी ओर कोणार्क एक ही दिन सम्पूर्ण हो गया। पिछली रात प्रशांत जी के आमंत्रण पर साथ में रात्रि भोज किया। पुरी से भुवनेश्वर वापस लौटते वक़्त इतनी मूसलाधार वर्षा हो रही थी कि वाहन किनारे लगा कर एक बंद दुकान की टीन की छत्र में काफी…

लीला जगन्नाथ पुरी मंदिर की
उड़ीसा | चारधाम | धार्मिक स्थल | पुरी | भारत दर्शन

लीला जगन्नाथ पुरी मंदिर की

कोणार्क से जगन्नाथ पुरी कोणार्क पुरी से मात्र 36 किमी दूरी पर है जगन्नाथ मंदिर। यात्रा समुद्र के किनारे से शुरू हुई। कोणार्क के तट पर कुछ पल बिता कर चल पड़ा। गाड़ी चालू कर निकल पड़ा। सड़क समुद्र के समांतर है। अब समुद्र से क्या प्रतियोगिता करना। एक झटके में सारा नशा उतार सकती…

रहस्यों से भरा कोणार्क सूर्य मंदिर
उड़ीसा | कोणार्क | भारत दर्शन

रहस्यों से भरा कोणार्क सूर्य मंदिर

नाटक करता है प्रीतेश के सुझाव के मुताबिक मुझे कोणार्क सूर्य मंदिर के लिए भोर में ही प्रस्थान करना सर्वोच्चतम है। लेकिन, किन्तु, परन्तु ऐसा ना हो सका। पिछली रात कटक भ्रमण और मौज मस्ती में निकल गई। भुभनेश्चर वापसी के उपरान्त सोते सोते रात्रि के तीन बज गए। मैं, साथी घुमक्कड़, प्रीतेश और प्रीतेश…